Palanhar Yojana: पालनहार योजना सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण बाल कल्याण योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे अनाथ, बेसहारा या त्यागे गए बच्चों की देखभाल और परवरिश सुनिश्चित करना है, जिनकी देखभाल उनके माता-पिता किसी कारणवश नहीं कर पा रहे हैं। इस योजना के तहत बच्चों को अनाथालय भेजने की बजाय, उन्हें उनके रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति के पास रखा जाता है, ताकि उन्हें पारिवारिक माहौल मिल सके और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़े रहें।
Palanhar Yojana
पालनहार योजना का उद्देश्य सरकार ने पालनहार योजना की शुरुआत बच्चों के सामाजिक, शैक्षणिक और भावनात्मक विकास को ध्यान में रखकर की है। इसका उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित पारिवारिक वातावरण देना भी है।
पालनहार योजना क्या है?
Palanhar Scheme सरकार की एक बेहतरीन पहल है, जो राज्य के अनाथ, बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाती है। इस योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता से बच्चे शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ते हैं।
पालनहार योजना 2025 बच्चों की परवरिश के लिए सरकार दे रही हर महीने मदद राजस्थान सरकार की पालनहार योजना के तहत अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है।
0 से 6 वर्ष के अनाथ बच्चों को ₹1,500
6 से 18 वर्ष के अनाथ बच्चों को ₹2,500
अन्य श्रेणी के 0–6 वर्ष बच्चों को ₹750
6–18 वर्ष के बच्चों को ₹1,500
इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों को ₹2,000 वार्षिक सहायता भी मिलती है। इस योजना का मकसद है कि कोई भी बच्चा शिक्षा और पालन-पोषण से वंचित न रहे। यह पूरी राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे पालनहार के बैंक खाते में भेजी जाती है।
पालनहार योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज़
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
बच्चे का विद्यालय या आंगनवाड़ी पंजीकरण प्रमाण पत्र
पालनहार का आधार कार्ड और फोटो
निवास प्रमाण पत्र (राजस्थान)
पालनहार का बैंक खाता विवरण
BPL राशन कार्ड या गरीबी रेखा प्रमाण पत्र
विशेष श्रेणियों के लिए – HIV/AIDS प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र या जेल प्रमाण पत्र
पालनहार योजना के लाभ
बच्चों को हर महीने ₹2,500 तक की आर्थिक सहायता।
बच्चों को अनाथालय भेजने की बजाय पारिवारिक माहौल में रखा जाता है।
शिक्षा सामग्री और स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं।
पारिवारिक और सामाजिक विकास के साथ बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है।
पालनहार योजना के लिए पात्रता
पालनहार योजना का लाभ वही बच्चे ले सकते हैं जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं –
बच्चे का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
अनाथ बच्चे जिनके माता-पिता नहीं हैं।
ऐसे बच्चे जिन्हें माता-पिता ने त्याग दिया हो।
तलाकशुदा या विधवा माता के बच्चे।
HIV/AIDS पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
जेल में बंद माता-पिता के बच्चे।
दिव्यांग बच्चे।
पालनहार (देखभाल करने वाला व्यक्ति) गरीबी रेखा (BPL) में आता हो।
पालनहार की वार्षिक आय ₹1,20,000 से कम होनी चाहिए।
पालनहार का राजस्थान निवासी होना या कम से कम 3 साल तक वहां रहना आवश्यक है।
पालनहार योजना में आवेदन कैसे करें?
पालनहार योजना में आवेदन करने के दो तरीके हैं – ऑनलाइन और ऑफलाइन।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
सबसे पहले राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की वेबसाइट http://sje.rajasthan.gov.in/ पर जाएं।
नीचे स्क्रॉल करें और पालनहार योजना के लिंक पर क्लिक करें।
SSO ID या ई-मित्र से लॉगिन करें।
आवेदन फॉर्म भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
आवेदन सबमिट करें और रसीद प्राप्त करें – इसे सुरक्षित रखें।
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय जाएं।
पालनहार योजना आवेदन फॉर्म प्राप्त करें (या वेबसाइट से डाउनलोड करें)।
सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
फॉर्म को जमा करें और रसीद प्राप्त करें।



